अखरोट : असरकारी नुस्खे :- दाद पर अखरोट का तेल लगाने से बहुत फायदा मिलता है।कृमि- बच्चे को बहुत ज्यादा कृमि हो गए हों तो उसे रोज एक अखरोट की गिरी खिलाएँ। इससे सारे कृमि मल के रास्ते बाहर आ जाते हैं।पथरी- छिलके और गिरी सहित अखरोट को बारीक पीस लें। रोज सुबह-शाम ठंडे पानी के साथ लगातार 15 दिनों तक एक-एक चम्मच लें। पथरी मूत्र मार्ग से बाहर आ जाती है। बिस्तर गीला करना- बिस्तर गीला करने की आदत छुड़ाने के लिए बच्चे को रोज सोने से पहले दो अखरोट और 15 किशमिश खिलाएँ। 15 दिन यह प्रयोग कर के देखें बच्चे की आदत अपने आप छूट जाएगी। इसको खाने से नर्वस सिस्टम को फायदा और दिमाग को तरावट मिलती है। अखरोट के साथ कुछ बादाम और मुनक्के खाने व इसके ऊपर दूध पीने से वृद्धों को बहुत फायदा मिलता है। चेतावनी : अखरोट खाने में थोड़ी सावधानी रखना चाहिए। चूँकि अखरोट गर्मी करता है और कफ बढ़ाता है इसलिए एक बार में 5 से ज्यादा अखरोट न खाएँ। ज्यादा अखरोट खाने से पित्त बढ़ने की संभावना रहती है। जिससे मुँह में छाले, गले में खुश्की या खुजली और अजीर्ण होने की संभावना रहती है। ¬
अखरोट के अचूक फायदे ~बच्चे को बहुत ज्यादा कृमि हो गए हों तो उसे रोज एक अखरोट की गिरी खिलाएँ। इससे सारे कृमि मल के रास्ते बाहर आ जाते हैं। छिलके और गिरी सहित अखरोट को बारीक पीस लें। रोज सुबह-शाम ठंडे पानी के साथ लगातार 15 दिनों तक एक-एक चम्मच लें। पथरी मूत्र मार्ग से बाहर आ जाती है। अखरोट का तेल लगाने से दाद-खाज में बहुत फायदा मिलता है। बच्चे की बिस्तर गीला करने की आदत छुड़ाने के लिए बच्चे को रोज सोने से पहले दो अखरोट और 15 किशमिश खिलाएँ। 15 दिन यह प्रयोग कर के देखें बच्चे की आदत अपने आप छूट जाएगी। इसको खाने से नर्वस सिस्टम को फायदा और दिमाग को तरावट मिलती है। अखरोट के साथ कुछ बादाम और मुनक्के खाने व इसके ऊपर दूध पीने से वृद्धों को बहुत फायदा मिलता है। अखरोट खाने में थोड़ी सावधानी रखना चाहिए। चूँकि अखरोट गर्मी करता है और कफ बढ़ाता है इसलिए एक बार में 5 से ज्यादा अखरोट न खाएँ। ज्यादा अखरोट खाने से पित्त बढ़ने की संभावना रहती है। जिससे मुँह में छाले, गले में खुश्की या खुजली और अजीर्ण होने की संभावना रहती है।~बच्चे को बहुत ज्यादा कृमि हो गए हों तो उसे रोज एक अखरोट की गिरी खिलाएँ। इससे सारे कृमि मल के रास्ते बाहर आ जाते हैं। छिलके और गिरी सहित अखरोट को बारीक पीस लें। रोज सुबह-शाम ठंडे पानी के साथ लगातार 15 दिनों तक एक-एक चम्मच लें। पथरी मूत्र मार्ग से बाहर आ जाती है।~¬
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Wednesday, March 1, 2017
अखरोट : असरकारी नुस्खे
Monday, February 27, 2017
अंजीर एक मधुर गुणकारी फल / एक स्वादिष्ट औषधि ~ ~अंजीर एक मधुर फल है जो विभिन्न रूपों में निम्न प्रकार से लाभकारी है - सूखे अंजीर को उबालकर अच्छी तरह पीसकर यदि गले की सूजन या गाँठ पर बाँधा जाए तो शीघ्र ही लाभ होता है। साधारण कब्ज की अवस्था में गरम दूध में सूखे अंजीर उबालकर सेवन करने से प्रातःकाल दस्त साफ आता है। ताजे अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना अत्यंत शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है। खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। मधुमेह रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। किसी प्रकार का बाह्य पदार्थ यदि पेट में चला जाए तो उसे निकालने के लिए अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है। दमे (अस्थमा) की बीमारी में प्रातःकाल सूखे अंजीर का सेवन पथ्यकारी है। क्षय रोग (टी.बी.) में कफ की उत्पत्ति रोकने के लिए ताजे अंजीर खाना फायदेमंद है। श्वेत प्रदर में भी इसका उपयोग गुणकारी है। किसी भी प्रकार के बुखार में खासकर पेट की खराबी से होने वाले बुखार में अंजीर का सेवन हितकर होता है। ~अंजीर एक मधुर फल है जो विभिन्न रूपों में निम्न प्रकार से लाभकारी है - सूखे अंजीर को उबालकर अच्छी तरह पीसकर यदि गले की सूजन या गाँठ पर बाँधा जाए तो शीघ्र ही लाभ होता है। साधारण कब्ज की अवस्था में गरम दूध में सूखे अंजीर उबालकर सेवन करने से प्रातःकाल दस्त साफ आता है। ताजे अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना अत्यंत शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है। खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। मधुमेह रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। किसी प्रकार का बाह्य पदार्थ यदि पेट में चला जाए तो उसे निकालने के लिए अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है। दमे (अस्थमा) की बीमारी में प्रातःकाल सूखे अंजीर का सेवन पथ्यकारी है। क्षय रोग (टी.बी.) में कफ की उत्पत्ति रोकने के लिए ताजे अंजीर खाना फायदेमंद है। श्वेत प्रदर में भी इसका उपयोग गुणकारी है। ~अंजीर के असरकारी गुण ~अंजीर एक मधुर फल है जो विभिन्न रूपों में निम्न प्रकार से लाभकारी है - सूखे अंजीर को उबालकर अच्छी तरह पीसकर यदि गले की सूजन या गाँठ पर बाँधा जाए तो शीघ्र ही लाभ होता है। साधारण कब्ज की अवस्था में गरम दूध में सूखे अंजीर उबालकर सेवन करने से प्रातःकाल दस्त साफ आता है। ताजे अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना अत्यंत शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है। खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। मधुमेह रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। किसी प्रकार का बाह्य पदार्थ यदि पेट में चला जाए तो उसे निकालने के लिए अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है। दमे (अस्थमा) की बीमारी में प्रातःकाल सूखे अंजीर का सेवन पथ्यकारी है। क्षय रोग (टी.बी.) में कफ की उत्पत्ति रोकने के लिए ताजे अंजीर खाना फायदेमंद है। श्वेत प्रदर में भी इसका उपयोग गुणकारी है। किसी भी प्रकार के बुखार में खासकर पेट की खराबी से होने वाले बुखार में अंजीर का सेवन हितकर होता है।~अंजीर के हैं गुण अनेक ~अंजीर एक मधुर फल है जो विभिन्न रूपों में निम्न प्रकार से लाभकारी है - 1. सूखे अंजीर को उबालकर अच्छी तरह पीसकर यदि गले की सूजन या गाँठ पर बाँधा जाए तो शीघ्र ही लाभ होता है। 2. साधारण कब्ज की अवस्था में गरम दूध में सूखे अंजीर उबालकर सेवन करने से प्रातःकाल दस्त साफ आता है। 3. ताजे अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना अत्यंत शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है। 4. खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। 5. मधुमेह रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है।¬~¬
सेहत के लिए अंजीर आजमाएँ ~सूखे अंजीर को उबालकर अच्छी तरह पीसकर यदि गले की सूजन या गाँठ पर बाँधा जाए तो शीघ्र ही लाभ होता है। साधारण कब्ज की अवस्था में गरम दूध में सूखे अंजीर उबालकर सेवन करने से प्रातःकाल दस्त साफ आता है। ताजे अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना अत्यंत शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है। खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। डायबिटीज में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। किसी प्रकार का बाह्य पदार्थ यदि पेट में चला जाए तो उसे निकालने के लिए अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है। दमे (अस्थमा) की बीमारी में प्रातःकाल सूखे अंजीर का सेवन पथ्यकारी है। क्षय रोग (टीबी) में कफ की उत्पत्ति रोकने के लिए ताजे अंजीर खाना फायदेमंद है। श्वेत प्रदर में इसका उपयोग गुणकारी है। किसी भी प्रकार के बुखार में खासकर पेट की खराबी से होने वाले बुखार में अंजीर का सेवन हितकर होता है। ¬
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